Green Coffee की सहायता से पतले कैसे हों.

Green Coffee बाज़ार मे अभी अपेक्षाकृत रूप से नया उत्पाद है. इस पौधे के बीजों का प्रयोग अधिक वज़न से लड़ने के लिए किया जाता है. अभी तक पतले होने के लिए Green Coffee के असर के बारे मे काफ़ी अंतर्विरोधी कयास लगाए जाते हैं. क्या ये सच मे वज़न घटने मे सहायता करती है, और यदि करती है तो इस पेय का प्रयोग कैसे किया जाए?

अपनी एक साथी का उदाहरण लेकर, मैने Green Coffee तथा इसके गुणो के बारे मे ख़ोज बीन की और इस फली या मेवा की तरह लगने वाली जादूभरी रामबाण औषधि को ख़ुद पर आज़माने का निर्णय लिया. दरअसल, ध्यान रखने वाली बात ये है कि Green Coffee मेरा पसंदीदा पेय नही है. मै चाय को वरीयता देती हूँ, खासतौर पर मीठी बाली चाय को. हालाँकि Green Coffee का स्वाद आम ब्लैक कॉफ़ी की तरह नही होता है बल्कि ये कड़क स्वाद वाली वनस्पति चाय जैसी लगती है. इसका अपना अलग ही स्वाद है, ये थोड़ी सी तीखी पर काफ़ी स्वादिष्ट है. इससे मुझे चीनी वनस्पति-यौगिक की याद आती है. मै एक्यूपंक्चर के लिए जाया करती थी और चीनी चिकित्सक ने मुझे वो यौगिक दिया था


वज़न घटाने का आसान तरीका.

Green coffee: कॉफ़ी की झाड़ियों मे बीज के रूप मे मिलती है, जिसका प्रयोग हम सुबह मे तरोताज़ा कर देने वाले पेय के रूप मे करते हैं. हालाँकि एक फ़र्क ये होता है कि Green coffee: भुनी नही होती है.

इन कॉफ़ी बीजों का ताप उपचार नही किया हुआ होता है इसलिए इनका रंग पिस्ता की तरह या हलका हरा सा होता है. बहुत बड़ी संख्या मे टैनिन की उपस्थिति के कारण इस पेय मे एक असल तथा कम कड़क वनस्पति सी खुशबु तथा खट्टा स्वाद होता है.



Green coffee: उत्पाद के गुण और लक्षण

विशेषज्ञों की माने तो इस पेय मे फायदेमंद गुण होते हैं, जिनमे से एक वजन घटाने मे इसका सकारात्मक प्रभाव भी है. ये असर इन बीजो मे क्लोरोजेनिक एसिड की उपस्थिति के कारण होता है जो कि मोटापा ख़त्म होने की प्रक्रिया को कई गुना बढ़ा देता है. ताप-उपचार न होने के कारण बीजो मे शानदार रंग और ख़ुशबू नही होती है. फिर भी कहना होगा कि उनमे वजन घटाने वाले घटक होते हैं.

इस पेय का मुख्य गुण इसमे असाबुनीकृत वसा, लिनोलेइक एसिड, मोम, फैटी एसिड, स्टियेरिन, टोकोफ़ेरोल्स. आदि की उपस्थिति है. इनके अलावा Green coffee मे कैफ़ीन भी होता है.

बड़ी संख्या मे उपस्थित एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की सामान्य स्थिति मे सुधार करते हैं. ये पेय कॉलेस्ट्रोल स्तर घटाने


Green coffee के प्रकार

बाज़ार मे Green coffee कई प्रकारों मे उपलब्ध है: साबुत और पिसी Green coffee

ये पेय कई देशो मे बनाया जाता है. इसकी कीमत बीजों की गुणवत्ता, आयात वाले देश तथा इसकी पैकिंग (ब्रांड) कहाँ हुई है, इन सब पर निर्भर करती है. हरी कॉफ़ी अकसर वस्तु के रूप मे नही बेची जाती है. दुर्भाग्य से इसकी प्रसिद्धि की वजह से कुछ उत्पादक अकसर नकली उत्पाद बनाते हैं. नकली उत्पाद ख़रीदने से बचने के लिए याद रखिए कि ये पेय कभी भी तत्काल ऊर्जा देने वाले पेय के रूप मे या “1 मे 3” पेय के रूप मे नही आता है.


Green coffee की सहायता से वज़न घटाना

ये पेय वज़न घटाने मे सहायता करता है. पर ये किस तरह काम करता है तथा इसका शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है?

Green coffee की क्रिया उसके निम्न गुणो के आधार पर होती है:

  • 1. क्लोरोजेनिक एसिड, जो कि एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है, वज़न मे बढ़त रोकता है, पेट मे वसा को तोड़ता है तथा उसके अवशोषण को रोकता है.
  • 2. क्लोरोजेनिक एसिड के साथ कैफ़ीन शरीर के उपापचय मे सुधार करता है, शरीर के मोटापे को जलाता है, जिससे कि वज़न मे घटत होती है.
  • 3. इस पेय का टॉनिक प्रभाव होता है, ये शरीर को ऊर्जा से भर देता है इसलिए शारीरिक काम करना आसान हो जाता है. कसरत इस पेय का असर बढ़ा देती है जिससे पतला होना और प्रभावी हो जाता है.
  • 4. Green coffee का अपना एक अलग ही स्वाद होता है, जो भूख को दबाता है

Green coffee की तैयारी

वज़न घटाने के उद्देश्य से Green coffee का आनंद लेने के लिए, न केवल एक अच्छी गुणवत्ता वाला उत्पाद ख़रीदना ज़रूरी है बल्कि इसे सही से बनाना भी आवश्यक है. नीचे दिए हुए चरणों का पालन कीजिए:

  • 1. बीजों को कॉफ़ी वाली चक्की मे पीसिए
  • 2. इसे सेज्व (प्राकृतिक पद्धति) मे पकाइए: एक चम्मच कॉफ़ी मे ठंडा पानी मिलाइए और कुछ बार उबलने तक पकाइए.

पेय को कैसे लें

Green coffee को विभिन्न प्रकार से लिया जा सकता है:

  • भूख पर काबू करने के लिए एक निश्चित समय मे ही आहार लीजिए (उदाहरण के लिए, नाश्ता, दोपहर का खाना और रात का खाना). अगर आपको उसके बीच भूख लगती है तो Green coffee पीजिए. इस पेय को खाने के एक-आध घंटे पहले लिए जा सकता है. इससे भूख घट जाएगी जिससे कि आप कम खाना खाएँगे.
  • इस कॉफ़ी को मोटापानाशक उत्पाद के रूप मे मुख्य पेय के तौर पर नाश्ते, दोपहर के भोजन तथा रात्रि के भोजन मे लीजिए. ये तत्काल मोटापे को शरीर से कम करना शुरू कर देगी.

बहुत से लोगो को लगता है कि बढ़ी हुई मात्रा से ज़्यादा अच्छा परिणाम मिलेगा. पर एक बात याद रखिए: सुरक्षा सबसे पहले है. आप जो भी लें उसमे हमेशा परामर्श की हुई मात्रा का ध्यान रखना चाहिए. Green coffee की स्थिति मे भी ये मात्रा एक दिन मे 3 कप से ज्यादा नही होनी चाहिए. अगर आप इसे अक्सर पीना चाहते हैं तो मात्रा मे कमी कर दीजिए और एक बार मे बस आधा कप लीजिए.

किसे Green coffee का सेवन नही करना चाहिए

अन्य उत्पादों की तरह ही पतलेपन के लिए उपलब्ध Green coffee की भी कई विरोधाभास-स्थितियाँ होती हैं. वे हैं: गर्भावस्था, स्तनपान, बढा हुआ तंत्रिकातंत्र सम्बन्धी चिडचिडापन, व्यक्तिगत असहिष्णुता, कार्डियोवैस्कुलर समस्याएँ, रक्तचाप विकार, सर्जरी के बाद की स्थिति आदि.

हर उत्पादक की इस पेय के प्रयोग के सम्बन्ध मे अनुशंसाएँ हैं. मुख्य नियम बस ये है कि स्वास्थ्य को हानि पहुँचने से बचने के लिए इसे बहुत अधिक मात्रा मे न लिया जाए.

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